चेन्नई डायरी
चेन्नई डायरी अन्तिम 6 (दो साल पहले) यात्रा का अंतिम दिन है।हमलोग ऊटी से वापस आ गए हैं। चेन्नई रेलवे का सहायक स्टेशन है पेरंबूर, यहीं से शाम को संघमित्रा एक्सप्रेस पकड़नी हैं , सुबह सुबह ही पहुंचे हैं यहां। यहां का स्टेशान स्वच्छ है, लेकिन शौचालय एक ही है और गंदा है। फ्रेश होकर, मैं और अंशु दोनों चाय के लिए बाहर निकले हैं। एक चाय की टीटपरी दिखी है। चाय बनाने का तरीका कुछ अलग सा है चाय पत्ती को पानी में उबाल के रखा है, दूध और पानी अलग ही उबाल के रखा है। जिसे गिलास में डाल कर फिर उबली चाय के पानी को mix करते हैं, अंत में स्वादानुसार शक्कर मिला कर दे देते हैं। चाय और बिस्कुट ले कर हम लोग फिर स्टेशन पर आ गए हैं। अंशु काफी केयरिंग लड़का है। हमलोगों का अपना टूरिस्ट गाईड भी है। नेट पर आसपास घूमने वाली जगह खोजा जा रहा है। एक राजीव गांधी मेमोरियल दिखा रहा और इक कोई विवेकानंद जी से संबन्धित कोई जगह, एक चार्जिंग प्वाइंट देखकर हम लोग वो जगह छेका लिए हैं। आराम से बैठ कर स्टेशन पर चारो तरफ देख रहा हूं । धीर धीरे लोग आ रहे। चारो ओर भोजपुरी में बात करते लड़कों को देख कर मन खुश हो गया ह...