कोरोना 2 और सरकार की जबाबदेही
कोरोना वायरस की सेकंड स्ट्रेन शुरू हो चुकी है।कुछ राज्यों में लॉकडाउन,आंशिक लॉक डाउन लग रहा है। देश की स्थिति बहुत गंभीर है।अभी तक कोरोना संक्रमण से मरने वालों की संख्या 1500000 से भी अधिक हो गयी है।हॉस्पिटलों में एक बार फिर बेड की कमी,स्टाफ की अनउपलब्धता और संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं।,कहीं रात का कर्फ्यू, कहीं आने-जाने पर पाबंदी लगनी शुरू हो गई है। राज्य सरकारें अपने अपने स्तर से लॉकडाउन और संभव विकल्प पर काम करना शुरू कर रही हैं।परंतु सबसे बड़ी विडंबना यह है कि इस महामारी की दौर में हमारे भारत चार राज्यों में चुनाव आयोजित किए गए। हमारे उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के अंतर्गत पंचायत चुनाव कराए जा रहे हैं। नेताओं की रैलियां हो रही है।रोड शो हो रहे हैं काफिले निकल रहे हैं। समूह में प्रचार-प्रसार हो रहा है। दुर्भाग्य से हमारे देश के प्रधानमंत्री,गृहमंत्री,विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और समकालीन सत्तानशीं,जिनके कंधों पर इस देश का भविष्य निर्माण निर्भर है वह भी चुनाव प्रचार में लगे हुए हैं।।प्रत्येक राजनितिक प्रतिष्ठान चुनाव में डूब हुआ है।प...