Posts

Showing posts from January, 2025

डायरी

Image
इरफान खान याद आते हैं जिन्होंने कहा था कि आखिर में सब कुछ छोड़ देने का ही नाम जिंदगी है....। कितनी बोझिल होती जा रही हैं शामें. सुबहे होती हैं, दिन चढ़ता है शाम होती है फिर रात हो जाती है। धीरे धीरे सब छूटता जा रहा, इरफान खान याद आते हैं जिन्होंने कहा था कि आखिर में सब कुछ छोड़ देने का ही नाम जिंदगी है....। कितनी बोझिल होती जा रही हैं शामें। सुबहे होती हैं, दिन चढ़ता है शाम होती है फिर रात हो जाती है। धीरे धीरे सब छूटता जा रहा। जो सबसे प्रिय थे वो सबसे दूर हुए। जिनका अस्तित्व मेरे अन्दर गुंथा हुआ था पता नहीं कब के वे  निकल गए थे, अचानक से लगा कि वे हैं ही नहीं।  जिनकी एक एक बात मायने रखती थी, अब उनके होने न होने के ही मायने नहीं हैं। जिनसे घण्टों बातें हो जाए तो भी मन नहीं भरता था उनसे सेकेण्डों में ही बातें खतम हो जाती हैं। डायल नम्बर के रहने वाले नम्बर कॉन्टैक्ट लिस्ट में कहीं पड़े हैं। जिनके दुःख मेरे दुःख थे,उनके दुःख मुझे छू तो लेते हैं पर दुःखी नहीं कर पाते। जिनसे मिलने के लिए बहाने ढूंढता नहीं पड़ता था वाजिब कारण होते थे,वे मिल जाते हैं तो एक बहाने गढ़ लिए ज...