Posts

Showing posts from December, 2025

कैमूरडायरी

Image
#कैमूरडायरी  (प्रस्तावना) मेरे समूह में कुछ परम मित्र हैं, कुछ भाई हैं, कुछ दोस्त हैं, कुछ सहकर्मी हैं, लेकिन इनमें से मेरा एक भाई है और एक भतीजा है, दोनों भयंकर प्रकार के घुमक्कड़ प्रवृत्ति के हैं। मेरी कोई भी लंबी छुट्टी देखते हैं, तुरंत योजना बना डालते हैं। अगर उनकी छुट्टी और मेरी छुट्टी मेल खाती है और घर पर रह जाते हैं, तो हम सब अफसोस करते हैं कि काश कहीं घूम आए होते। एक दिवसीय यात्रा यहां हो सकती थी या द्विदिवसीय यात्रा यहां हो सकती थी। इन सबों के पास गाड़ी है और ५जी इंटरनेट है, तो जितनी देर में मैगी बनती है, उतनी देर में एक यात्रा की योजना कर देते हैं। सारी योजना इन्हीं की होती है, बस मुझे संयोजक बनाए रखते हैं। मेरा हाल राष्ट्रपति का होता है, जो बिना मंत्रिपरिषद की सलाह के कुछ कर ही नहीं सकता और मंत्रिपरिषद की सलाह को मानने से इनकार भी नहीं कर सकता। पिछले साल की मिर्जापुर की पहाड़ियों की यात्रा, लखनिया दरी का जलप्रपात बड़ी मजेदार और रोमांचक रही थी। तभी से यह योजना बन रही थी कि कहीं और घूमने चला जाए। लगभग १ साल बाद कई बार योजना बनते-बिगड़ते एक योजना अंतिम हुई कि कैमूर की पहाड़...

तुम्हारे बाद

तुम्हारे जाने के बाद मैं हकबका गया हूँ  जिसे तुम्हारी भाषा में कुछ कहते होंगे मैं वैसा हो गया हूँ  जैसा ट्रेन छूटने के बाद पहुँचा यात्री जो मुँह खोल के अवाक देख सकता है उसे किसी प्रिय की अर्थी उठने के बाद पहुंची नवेली बहू  जो सुबक सकती है घूंघट में बिन देखे हुए, गेट बंद होने के बाद पहुंचा परीक्षार्थी; जो सुन सकता है परीक्षा की सन्नाटे का शोर।