तुम्हारे बाद
तुम्हारे जाने के बाद
मैं हकबका गया हूँ
जिसे तुम्हारी भाषा में कुछ कहते होंगे
मैं वैसा हो गया हूँ
जैसा ट्रेन छूटने के बाद पहुँचा यात्री
जो मुँह खोल के अवाक देख सकता है उसे
किसी प्रिय की अर्थी उठने के बाद पहुंची नवेली बहू
जो सुबक सकती है घूंघट में बिन देखे हुए,
गेट बंद होने के बाद पहुंचा परीक्षार्थी;
जो सुन सकता है परीक्षा की सन्नाटे का शोर।
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