कविता

आप धीरे-धीरे मरने लगते हैं,
जब आप 
मार डालते हैं अपना स्वाभिमान
नहीं करने देते मदद अपनी
और न ही करते हैं मदद दूसरों की।

मार्था मेरिडोज

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