लूट

हमहुँ लूटी तुहुं लूट लुटे के आज़ादी बा
गद्दी पर चढ़ल नेतन के अबकी ईहे मुनादी बा

कतली-खूनी-चोर उचक्का चुनि के आइल संसद में
जनता की अधिकार में हत्या मिलके कइलें संसद में
बंगला गाड़ी गहना गुरिया के भइल वेवस्था संसद में
चोर लफंगा बनल विधायक पहिरत कुर्ता खादी बा,
हमहुँ लूटी तुहुं लूट लुटे के आज़ादी बा।।



परधानी में लूट लूट के महल बनवने नेता जी
वोट की बदले दारू मुर्गा खूब चलवले नेता जी
घूस खिया के थानेदार के करे दलाली नेता जी
गण पर बइठल तंत्र आज बा जनता के बर्बादी बा
हमहुँ लूटी तुहुं लूट लुटे के आज़ादी बा।।


अंतरि मंत्री सांसद फांसद के लमहर चाकर गाडी बा
गद्दी पर चढ़ल नेतन के अबकी ईहे मुनादी बा।।

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