(१)उसके पास समय नहीं था
मेरे पास धैर्य,
उसके पास शब्द नहीं थे
मेरे पास शब्दिता,
इस तरह हम एक दूसरे के पूरक हुए।
(२)मेरे शब्दों की शिरोरेखा से
लटके हुए अक्षर
अक्षरों में छिपीं हुई ध्वनियां
ध्वनियों में गूँजते भाव
उसके अस्तित्व का प्रमाण हैं
अस्फुट अधरों पर मेरे नाम का लिपटना
इस ब्रह्मांड की सबसे प्रेमिल क्रिया है।
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