प्रत्येक काल-खण्डों में 'स्त्रियों ने रचा इतिहास' दुहराया गया अनेक बार परंतु इतिहास में ही रहीं, इतिहास रचने वाली स्त्रियां... दरअसल! स्त्रियों ने इतिहास नहीं पढ़ा स्त्रियों ने सिर्फ गढ़ा है इतिहास...

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