हमारे हमारी मित्रता सूची में बहुत से लोग ऐसे हैं जो दिन रात फेक न्यूज़ अर्थात भ्रामक या अर्ध सत्य खबरें शेयर करते रहते हैं इन लोगों को अभी भी भरोसा है की टीवी पर न्यूज़ चैनल देख कर सूचनाएं प्राप्त कर सकते हैं समय-समय पर ऐसे लोगों को समझाने का प्रयास करता हूं तथा फेसबुक पर द्वारा दिए गए अनफॉलो अमित्र तथा 30 दिन के लिए इनके पोस्टों को अदृश्य करने के विकल्प का प्रयोग करता हूं कोना के संबंध में फेसबुक टि्वटर व्हाट्सएप तथा खासकर यूट्यूब पर अनेक फर्जी तथा भ्रामक सूचनाएं फैली हुई है इसको रोना काल में तमाम लोगों की नौकरियां चली गई तमाम लोगों की बहुत से लोग अपनी जान से हाथ धो दिए बहुत से लोग भुखमरी की कगार पर है सरकारों को भयंकर आर्थिक घाटा हुआ है परंतु कुछ लोग ऐसे हैं जिन को फायदा ही फायदा हुआ है जैसे यूट्यूब पर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया बेवकूफ पत्रकार तथा एंकर पुलिस स्टाफ। यह सभी लोग अप पोस्ट जानकारियां फैलाकर सनसनी फैलाकर भ्रामक हेडिंग या शीर्षक बनाकर लोगों का ध्यान आकर्षित करते हैं जिससे कि इनकी टीआरपी बढ़ सके इनकी भी वर्ष बढ़ सकें इनके लाइक और कमेंट पढ़ सकें मैंने तो इन न्यूज़ चैनल को देखना ही बंद कर दिया है इन न्यूज़ चैनलों पर हिंसा हिंसात्मक भाषण इन करो वह पत्रकारों का चीखना चिल्लाना तथा भिन्न-भिन्न वर्गों के तथाकथित प्रतिनिधियों को बुलाकर भिंड भिंड मुद्दों पर बहस कराना इनका प्रिय शगल बन चुका है
मां मने धैर्य
कितनी बार सोचा है कि मां पर कुछ लिखूं, बारहा सोचा है,पर मां पर लिखना इतना आसान कहां है।अनेक बार कलम उठाई है, रख दी है। अनेक बार कीपैड खोला है बंद कर दिया है, कोई सिरा नहीं मिलता कि कहां से शुरू करूं, संघर्ष की गाथा का पहला शब्द ही मां है। टन टन की आवाज से नींद खुल गई है... अदरक कूटने की ध्वनि है। कूटते आवाज़ भी दे रही मुझे। अंगड़ाई ले कर उठ रहा हूँ, नेपथ्य से महामहिम पिताश्री के झाड़ू लगाने की खर खर के बैकग्राउंड म्यूजिक में की ध्वनि है कि “सुतले रह लो 12 बजे ले..“ । मैं समझ गया कि सात बज गया है। मजदूर भाई लोग आ गए हैं, निर्माण कार्य चल रहा है, इसलिए सबको और पहले उठना पड़ता है, क्योंकि नल पर वे भी बार बार आते हैं। पापा के लिए तुलसी अदरक मिर्च का काढ़ा तैयार हो गया है, समझ गया हूँ कि हलाहल का घूंट मुझे भी पीना पड़ेगा ही क्योंकि ज़ुकाम में पापा का खौफ है।मैं उठ के बाथरूम की ओर चल दिया हूँ।क्योंकि इसके बाद मम्मी अपने और मेरे लिए चाय बनाएगी। मम्मी की सत्तर की अवस्था में मैं इसे डिसाइड नहीं कर पाया कि मम्मी भोर में उठती है या मम्मी के उठने से भोर होती है।क्योंकि मम्मी ने बर्तन भी धुल लिए है...
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