मीडिया
भारत में 40 करोड़ सोशल मीडिया यूजर है।ये किसि ह् किसी पार्टी के समर्थक पेज से जुड़े है।इनको लगातार पोलेराइज़ करने का प्रयास किया जा रहा।
Facebook- लगभग 346.2 मिलियन
Twitter- लगभग 11.45 मिलियन
Instagram- लगभग 80 मिलियन
YouTube- लगभग 265 मिलियन
इन सभी प्लेटफॉर्म्स पर फेक न्यूज़ और नफरत भरे कन्टेन्ट की भरमार है।तस्वीरो के साथ छेड़ छाड़ कर उनके संदर्भ बदल दिए गए है।
भारत में 50 फीसदी से ज्यादा फेसबुक यूजर 25 साल से कम के हैं।ये सभी नए वोटर हैं।इन्हे इतिहास की गहरी समझ नही है।ये किसी एक पेज से जुड़ते हुए..विभिन्न राजनैतिक विचारधारों पर आधारित ट्रैप मेंएआ फंसते जाते है।
इन्हे बार बार सुनियोजित तरीके से फेक न्यूज़ के माध्यम से,गलत बातों को तथ्य के रूप में बताया जाता है।इस नई पीढ़ी को कृत्रिम अस्मिता बोध से भर दिया जाता है।
कम वय में ही इनकी कोरा मस्तिष्क घृणा ,विद्वेष,छोभ से भरता जाता है।
कोई भी राजनैतिक दल दूध का धुला नही है।सबके अपने अपने मीडिया सेल हैं।लेकिन सत्ताधारी दल के मीडिया सेल के सम्मन दूर दूर कोई अन्य दल नहीं है।
ओफ्फिशली इसके सदस्यों की संख्या 18 करोड़ हैं जिसमे से अनुमानतः 10 से 12 करोड़ तो केवल फसबूक यूजर हैं।
सत्ताधारी दल के एक इशारे पर देश का नैरेटिव बदलने की क्षमता रखता है ये सर्वसुविधा सम्पन्न आईटी सेल।
आपको याद होगा कि जब पूरा देश लोकबन्दी के कारण होने वाले ऐतिहासिक अमानवीय पलायन से क्षुब्ध था तब इस आई टी सेल ने केरल में हाथी की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु को कैसे कैसे एक भावनात्मक ट्रैप में पूरे देश को फंसा दिया।
इससे दो कारण थे पहला ये कि केरल में इनकी सरकार नहीं थी और लोगों का भी पूरा ध्यान उस महापलायन से हट गया।।
अब आते हैं टीवी न्यूज़ चैनल की ओऱ ज़ी टीवी के मालिक सुभाष चंद्रा हैं। इनके द्वारा ही भारतीय उपग्रह टेलीविजन प्रसारण में क्रांति का सूत्रपात हुआ। इनके द्वारा 1992 में स्थापित किया गया यह चैनल भारत का सबसे पहला केबल टीवी था। सुभाष चंद्रा एम्मी पुरस्कार से भी नवाजे जा चुके हैं। यह भाजपा के राज्यसभा सांसद भी रहे हैं।इंडिया टीवी एक हिंदी न्यूज़ चैनल है। इस चैनल के मालिक रजत शर्मा हैं रजत शर्मा औए जेटली की मित्रता किसीसे छिपी नही है।रिपब्लिक टीवी भारत का एक समाचार तथा समसायिक घटनाओं पर कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाला चैनल है। इस चैनल के प्रबंध संपादक अर्णव गोस्वामी हैं इस चैनल को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थक माना जाता है, क्योंकि सह-संस्थापक, राजीव चंद्रशेखर इस पार्टी से हैं।
एक था नमो टीवी और चैनल की वेबसाइट पर साफ़ तौर पर कहा था कि ये नरेंद्र मोदी के कार्यक्रमों का लाइव प्रसारण, उनसे जुड़ी ख़बरें और उनसे भाषण दिखाने के लिए था।
इस चैनल ने अपने लोगो में नरेंद्र मोदी की तस्वीर का इस्तेमाल किया था और ये टाटा स्काई, डिश टीवी और कई अन्य प्लेटफॉर्म पर देखा जा सकता था।।
यानि वो लोग भोले हैं जो समझते हैं कि मीडिया से क्रांति नही हो सकती।सबकुछ ये मीडिया ही तय कर रही है।
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