ये बात पिछले साल की है।मई का महीना,अंगारे बरसता आकाश ।इतनी तेज धूप कि पांच मिनट भी खड़े रह जाएं तो 'चौन्ह्आ' आ जाये।कुछ राजगीर और कुछ मजदूर लोग काम कर रहे हैं।हम शेषमणि दौड़ भाग कर सामान जुटा रहे।

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