निजाम ने कहा गर्व करो कि तुम्हारी जड़ें हज़ारों साल गहरी हैं हमारी छाती चौड़ी हो गयी जिसके तले दब गए कितने सिकुड़े पेट। पवित्र किताबों ने कहा कि तुम्हारे किताबों में छिपा है सृष्टि का मूल मंत्र हम भर गए गर्व से और शुतुर्गमुर्ग की तरह गाड़ लिया सर रिक्तता दोष से भर गए हमारे हृदय। शिलालेखों से फूटे बोल फख्र करो कि तुम्हरी नस्लों ने हज़ारों साल की है हुकूमत । तुम्हारे पुरखों ने शिलाओं पर उकेरें हैं इतिहास पत्थरों पर अंकित किये हैं भूगोल बदलने के साक्ष्य, हम कृत्रिम-अस्मिता-बोध से भर उठे। पर निज़ाम ने कभी नही बताया कि सिंहासन के पाये तुम्हारे रक्त में धंसे हैं, निज़ाम ने हमेशा भूखे पेट भर दिये कृत्रिम अस्मिताबोध से। -अतुल पाण्डेय
संबंधों के सिलसिले में कितनी दूर खड़ी हो तुम? कितनी बार छूने की कोशिशे की है मैने अंतस में सिमटे भावों को हर बार अँगुलियाँ मुड़ गयी हैं.. कभी कोशिश नहीं की तुम्हारे चेहरे पर आते जाते भावों को पढ़ने की तुम्हारा निस्पृह निश्छल मौन ही मुझे आप्यायित करता है मैं महसूस करता हूँ तुम्हारे कांपते होठों के अस्फुट शब्दो को जो प्रत्याशा में हैं कुछ फूट पड़ने के एक अनाम सा रिश्ता चिखता है अपने हस्र की दुहाई देकर, लिपटा रहा है तुम्हारा अस्तित्व मेरे साँसों के हर कतरे पर पलकों की इल्तिजा हो फिर मैं एक बार जी उठूं.. YourQuote.in
आज पूरा देश स्तब्ध है, सबके होठों पर अनगिनत सवाल हैं आंखें पथरा चुकी हैं, हृदय में शोले उमड रहे हैं। ऐसा कोई दिन नहीं होता जिस दिन अखबार मैं खून से रंगी खबरें ना होती हो ।ये कैसा देश बन चुका है ?चारों तरफ जोंबी घूम रहे हैं ।देश को फिर एक सनसनीखेज मिल गई है।चैनलों की टी आर पी भी बढ़ रही है। कैंडल मार्च निकल रहे हैं, हाथों में तख्तियां लिए हुए विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं ,लंबे लंबे लेख लिखे जा रहे हैं, कविताएं लिखी जा रही हैं।परन्तु हर बार की तरह हम फिर भूल जाएंगे।हम कभी निर्भया ,कभी दामिनी ,कभी आशिफा ,कभी नैंसी, कभी संजली इत्यादि ऐसे अनगिनत नाम है, किन-किन का नाम लूँ। भारत में हर 6 मिनट पर एक बलात्कार होता है। इतना इतना असुरक्षित माहौल शायद पहले कभी नहीं था स्त्रियां कहीं सुरक्षित नहीं है ना घर में ना पड़ोस में ना स्कूल में नसरत पर ना सड़क पर ना स्टेशन पर ना बाजार में कहीं नहीं। पूरा देश शोक संतप्त है,अभिशप्त है ऐसे समाज में जीने को। मुझे तो पुरूष होने पर ग्लानि हो रही ,शर्म आ रही है National crime bureau के अनुसार बलात्कार के 90% आरोपी पीड़िता की रक्त संबंधी है। हमें क्या डूब मरना नहीं च...
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